मध्य प्रदेश में पहली बार एक से 8वीं तक के बच्चे होम बेस्ड असाइनमेंट के आधार पर परीक्षा देंगे।

  • कोरोना के चलते सरकार का फैसला, बच्चे पर दादा-दादी, पैरेंट्स और भाई बहन की मदद से पूरा कर सकेंगे वर्क शीट

कोरोना के चलते MP के सरकारी स्कूलों के 8वीं तक के बच्चों का इस बार होम बेस्ड असाइमेंट के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए छमाही परीक्षा (प्रतिभा पर्व) एवं वार्षिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें छमाही परीक्षा 20 से 30 जनवरी में एक वर्कशीट, वहीं 15 से 28 फरवरी और 10-20 मार्च के बीच वार्षिक परीक्षा होगी। इसमें दो वर्कशीट रहेंगी। मूल्यांकन के लिए बच्चों को तीन वर्कशीट दी जाएंगी। जिसे वे घर पर अपने भाई-बहन, मां-पिता और दादा-दादी की मदद लेकर पूरा कर सकते हैं। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने राज्य कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है।

राज्य शिक्षा केंद्र के आयुक्त लोकेश जाटव ने बताया कि असाइनमेंट पूरा करने के बाद बच्चे स्कूल में 10 से 15 दिन में वर्क शीट जमा कर देंगे। पहली और दूसरी के बच्चों की मूल्यांकन अभ्यास पुस्तिका के आधार पर होगा। वहीं तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों का मूल्यांकन वर्कशीट में ही प्रश्नों के उत्तर और प्रोजेक्ट वर्क लिखने के आधार पर होगा। वर्कशीट में 60 प्रतिशत लिखित व 40 प्रतिशत प्रोजेक्ट कार्य के लिए दिए जाएंगे।

घर में मौजूद सामग्री से बना सकेंगे मॉडल
प्रोजेक्ट वर्क में बच्चों से घर में उपलब्ध रोजमर्रा की सामग्री के आधार पर मॉडल बनवाए जाएंगे। प्रतिभा पर्व यानि छमाही परीक्षा जनवरी में होगी। ये 20 अंकों का होगा। वहीं फरवरी में वार्षिक मूल्यांकन 50 अंक और मार्च में वार्षिक मूल्यांकन 50 अंक का होगा। तीनों मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा। इसमें बच्चों को ग्रेड दिया जाएगा।

इस पूरा वर्ष ही कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में स्‍कूल पूरी तरह नहीं खुल सके है, कई महिनों के बाद पहले जैसी स्थिति धीरे-धीरे बन रही है। इसी को ध्‍यान रखते हुए राज्‍या शिक्षा केंद्र ने यह निर्णय लिया है।

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