भोपाल: कला संवाद कार्यक्रम का आयोजन

कला संवाद कार्यक्रम का आयोजन” सम्पन्न पंचायत विकास परिषद ” कला संवाद” का आयोजन संस्कार भारती के राज्य कार्यालय के सभागार में मध्यप्रदेश माध्यम के प्रबंधक आत्माराम शर्मा की अध्यक्षता में रखा गया उन्होंने अपने उदबोधन में कहा कि लोक कला को समझने के लिए उसमें डूबना पड़ता हैं तब कही उसके मर्मस्पर्श कर सकते हैं उन्होंने कहा लोक संस्कृति को समझने के लिए राम जी ने 14 वर्ष वनगमन किया और लोक संस्कृति को समझा तभी वह जन -जन के राम कहलाये।
मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति के पारम्परिक लोक चित्रों पर बुंदेलखंड शैली पर डॉ. वीना चौबे ने लोक चित्रों पर विचार रखे। वही निमाड़ की लोक शैली पर शिखर सम्मानित पूणिमा चतुर्वेदी ने आपने विचार रखें। मालवीय लोक शैली पर डॉ. रेखा भटनागर ने और बघेली शैली पर डॉ.श्यामा गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त किये।गोबर शिल्पी सुरेश राठौर ने कहा कि बुंदेलखंड की लोक संस्कृति में डाक्टर नर्मदा प्रसाद गुप्त और अयोध्या प्रसाद गुप्त को,बघेली लोक संस्कृति के लिए डॉ.गोमती प्रसाद विकल को, मालवा की लोक संस्कृति में डॉभगवती प्रसाद पुरोहित को,गोंडी लोक चित्रों में जन गण सिंह श्याम इस क्षेत्र के संदर्भ व्यक्ति हैं।इनसे हमे प्रेरणा लेकर काम करना होगा। संयोजक सतीश पुरोहित ने बताया कि इस अवसर पर पांच उत्कृष्ट कार्य सेवीयों को सम्मानित किया गया। सम्मानित कार्य सेवियो में वीर सिंह राजपूत,अनंद नंदेस्वर,प्रियंका जोशी, प्रिया आर्य और पत्रकारिता में वीरेंद्र विश्वकर्मा प्रमुख हैं।